Motivational Story for Board Students – Tarapna to padega

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Every year Lakh of students take part in the Board examination, Here we have bring Hindi story which will inspiare  you into preparation for the board examination. Why students should keep attention on the study this story will tell them. 

Motivational Story for the Board Exam Students 

तड़पना तो पड़ेगा

एक शिल्पकार था, उसे एक मूर्ति बनाने की आर्डर मिली |

उसके पास दो पत्थर थी, वह एक पत्थर पर हथौड़े  की चोट से पत्थर को मूर्ति का आकार देना शुरू करता है|

इस पर वह पत्थर बोलती है – It is paining, Please leave me.

तब वह  शिल्पकार पहली पत्थर को छोड़ देता है |

और दूसरी पत्थर पर हथौड़े  की चोट से पत्थर को मूर्ति का आकार देना शुरू करता है- तब वह दूसरी पत्थर बोलती है – It is paining but you can continue. शिल्पकार उस पत्थर को चोट दे-दे करके हथौड़े से उसे मूर्ति का आकार बना देता है , इस प्रकार से वह एक बहुत सुंदर मूर्ति बन जाती है |

शिल्पकार उस व्यक्ति को संदेशा देता है कि मूर्ति तैयार हो गया आ करके ले जाए, फिर वहां व्यक्ति आता है अब उस मूर्ति को देख कर के बहुत खुश होता है| उसे परिश्रम की राशि के साथ-साथ उसे इनाम भी दे करके – मूर्ति ले जाने लगता है|

तभी  उसकी नजर उस टूटा फूटा पत्थर पर पड़ता है , तब  वह व्यक्ति शिल्पकार से कहता है, कि उसे वह भी पत्थर दे , जो मंदिर के बाहर नारियल फोड़ने के काम आएगा | फिर शिल्पकार उस पत्थर को उसे फ्री में दे देता है |

व्यक्ति पत्थर से बनी मूर्ति, और वो टूटा फूटा पत्थर दोनों को ले जाता है, वह मूर्ति को मंदिर में लगा देता है , और टूटा फूटा पत्थर को मंदिर से बाहर नारियल फोड़ने के लिए रख देता है |

फिर लोग आते थे मंदिर में पूजा करते थे, और बाहर रखे हुए पत्थर पर नारियल पूरा करते थे | इस प्रकार सिलसिला शुरू हो गया |

अंदर में वह पत्थर जो मूर्ति की मूरत बन चुकी थी यह देख कर के हंसी और बोली – अगर तुम उस समय थोड़ी सी दर्द सह ली होती – तो यह  रोज रोज का तुम्हें जो दर्द नारियल फोड़ने से होता है वह नहीं होता |

सीख:- 

You can please write about this story. 

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